Wednesday, June 21, 2017

5 Interesting Facts About Lord Hanuman in Hindi

पवनपुत्र हनुमान की इन 5 बातों से आप होंगे अनजान (Hanuman Ji Facts)

भगवान श्री राम जी के परम भक्त  महाबली हनुमान जी, जिनके भारत मे ही नहीं दुनिया मे अनगिनत भक्त  है, साहस, बल, बुद्धि  तथा विद्या के लिए संसार भर मे पूजे जाते है। देश भर मे हनुमान जी लाखो करोडो मंदिर है जहाँ सर्धालु अपनी मन्नत मांगते है। आज हम आपको हनुमान जी के बारे मे कुछ ऐसी मंत्रमुग्ध करने वाले तथ्यों से अवगत कराएंगे जो आपको अलौकिक भक्ति से भर देंगे, तो आइये जानते है इन तथ्यों को।

मंगलबार हनुमान जी का दिन का रहश्य:

Hanuman Ji Wallpaper

Tuesday को हनुमान जी का दिन कहा जाता है और उनकी पूजा भी की जाती है। इसके बारे में बहुत सारे तथ्य है, कहा जाता है की इस दिन भगवान हनुमान जी का जन्म हुआ था, वह पूर्णिमा के दिन चैत्र मास के मंगवार के दिन पैदा हुआ थे इसके इलावा वह मंगल गृह के आराध्य भी है इसलिए कहा जाता है मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से भक्त अपने सभी दुःखो से निवारण पाते है।

हनुमान जी को सिंदूर क्यों लगाते है:

Hanuman Ji Sindoor Idol

जैसा की हम जानते है की हनुमान जी भगवान राम के परम भक्त है,  एक बार उन्होंने माता सीता जी को उनके  मांग में  भरे सिंदूर के बारे में  पूछा तो उन्होंने उत्तर दिया की यह उनके पति, राम जी की  दीर्घायु और उनके प्रति प्रेम को समर्पित है,यह सुन कर हनुमान जी ने भी अपने पुरे शरीर को सिंदूर से भर दिया यह देख भगवन राम जी बहुत प्रसन्न  हुए और  उन्होंने  यह वरदान दिया की जो कोई हनुमान जी को सिंदूर लगाएगा उसके सभी दुःख दूर होंगे।

हनुमान जी का पुत्र:


हम सभी जानते है की हनुमान जी ब्रह्मचारी थे, किन्तु यह जान कर आपको हैरानी होगी की उनका एक पुत्र भी था जिसका नाम मकर ध्वज था। लंका दहन के बाद जब हनुमान जी अपनी पूछ को बुझाने के लिए समुन्दर मे गए तो उनको शरीर से पसीने की एक बूँद एक मछली ने पी ली जिस से मकरध्वज का जन्म हुआ।

भगवन राम ने सुनाई हनुमान जी को मौत की सजा:

Hanuman ji Wallpaper

अपने वनवास काल पूरा करने के बाद भगवान राम जी ने अपने राज्य मे बहुत विशाल एवं भव्य यज्ञ करवाया जिसमे दूर दूर से ऋषि मुनि आये और उनके गुरु विश्वामित्र भी को भाई आमंत्रित किया गया जिनका एक राजा के द्वारा अनादर हो गया क्रोधित गुरु विश्वामित्र ने राम जी को उस राजा का सर काट कर लाने का आदेश दिया, गुरु विश्वामित्र की बात सुन वह राजा भाग गया और अपनी जान बचने की सोचने लगा, वह जनता था की हनुमान जी इलावा कोई उनकी मदद नहीं कर पायेगा परन्तु राजा जनता था की यदि वह सीधा हनुमान जी पास जा कर सहायता मांगेगे तो हनुमान जी मना कर देंगे क्यों की वह भी राम जी के विपरीत नहीं जा सकते, इसलिए राजा सीधा माता अंजना जी के पास गया और मदद मांगी माता के आदेश पे हनुमान जी राजा की मदद के लिए राजी हो गए  हनुमान जी राम जी से युद्ध नहीं करना चाहते थे इसलिए उन्होंने एक योजना बनायीं उन्होंने राजा को कहा की वह राम नाम का जप करे और वह स्वयं राजा जी के पीछे जा कर बैठ गए भगवन राम के एक के बाद एक तीर विफल हो गए यहाँ तक की ब्रह्मस्त्र भी विफल हो गया तथपश्चात राजा ने सिया राम के साथ साथ हनुमान जी का भी नाम जपना सुरु कर दिए इस भक्ति की शक्ति देख सुन भगवन राम को मूर्छा आने लगी यह देख गुरु विश्वामित्र को अपना वचन वापस लेना पड़ा तभी हनुमान जी ने राजा के पीछे से प्रकट हो कर राम जी से क्षमा मांगी तथा राम नाम के महत्व से सबको अवगत कराया

हनुमान जी  एवं भीम जी  दोनों भाई  है:

interesting facts about Hanuman Ji

हनुमान जी वानर प्रजाति के थे और भीम मनुष्य फिर भी वह दोनों भाई कहे जाते है ऐसा इसलिए क्यों की वह दोनों ही पवन के पुत्र थे दोनों ही अत्यंत बलशाली थे और दोनों का शस्त्र गदा थी भीम भगवान पवन जी के धर्म पुत्र थे


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